मनुष्य ऋषि-मुनियों के द्वारा बतलाई हुई पद्धतियों से उदर आदि स्थानों में जिन का चिंतन करते हैं और जो प्रभु उनके चिंतन करने पर मृत्यु भय का नाश कर देते हैं उन ह्रदयदेश में विराजमान प्रभु कि हम उपासना करते हैं।
3/18१८-हिरण्याक्षके साथ वराहभगवान्का युद्ध
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CHAPTER EIGHTEEN: The Battle Between Lord Boar and the Demon Hiraṇyākṣa
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