मनुष्य ऋषि-मुनियों के द्वारा बतलाई हुई पद्धतियों से उदर आदि स्थानों में जिन का चिंतन करते हैं और जो प्रभु उनके चिंतन करने पर मृत्यु भय का नाश कर देते हैं उन ह्रदयदेश में विराजमान प्रभु कि हम उपासना करते हैं।
3/20२०-ब्रह्माजीकी रची हुई अनेक प्रकारकी सृष्टिका वर्णन
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Conversation Between Maitreya and Vidura
२०-ब्रह्माजीकी रची हुई अनेक प्रकारकी सृष्टिका वर्णन
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